The Witch with Shimmering Wings - टिमटिमाते पंखों वाली चुड़ैल

प्रारंभ – जब सपनों ने डर का रूप ले लिया

जंगल के किनारे बसे छोटे-से गाँव ग्लिमरविल में कभी रातें शांति और मीठे सपनों से भरी हुआ करती थीं। चाँदनी बच्चों की खिड़कियों से झाँकती थी और जुगनू उनके सपनों की रखवाली करते थे। लेकिन अचानक सब कुछ बदल गया। बच्चे नींद में चीखने लगे, उनके सपने डरावने साए, मकड़ियों के जाल और अंधे कुओं में बदलने लगे। गाँव में यह चर्चा फैल गई कि यह सब टिमटिमाते पंखों वाली चुड़ैल का काम है—एक ऐसी रहस्यमयी चुड़ैल, जिसके बारे में कहा जाता था कि वह गहरे जंगल में रहती है और बच्चों के सपने चुरा लेती है। माता-पिता डर के मारे रात भर जागते रहते, और गाँव का डर हर दिन गहराता जाता। इन्हीं अफवाहों के बीच रहती थी लीना, एक साहसी, जिज्ञासु और कल्पनाशील लड़की, जिसे डर से ज़्यादा सच्चाई जानने की ललक थी। जहाँ बाकी बच्चे चुड़ैल के नाम से काँपते थे, वहीं लीना के मन में सवाल उठता था—क्या हर डर की कहानी सच होती है? क्या सच में कोई चुड़ैल सपने चुरा सकती है? उसी रात, जब एक और बच्चा बुरे सपने से रोता हुआ उठा, लीना ने तय कर लिया कि वह इस रहस्य के पीछे की सच्चाई खुद खोजेगी, चाहे उसे गहरे जंगल में ही क्यों न जाना पड़े।


खोज – जंगल के भीतर छिपी सच्चाई

अगली सुबह, सूरज की पहली किरणों के साथ लीना जंगल की ओर निकल पड़ी। घना जंगल फुसफुसाती हवाओं, अजीब आवाज़ों और चमकते पत्तों से भरा था, मानो हर पेड़ कोई कहानी छुपाए बैठा हो। कई घंटों की यात्रा के बाद उसे एक छोटी-सी झोपड़ी दिखाई दी, जिसके चारों ओर हवा में टिमटिमाते पंख तैर रहे थे—जैसे जुगनुओं और तितलियों का मेल। डरते-डरते लीना ने दरवाज़ा खटखटाया। अंदर से जो निकली, वह कोई डरावनी राक्षसी नहीं बल्कि विलो नाम की एक थकी हुई, उदास आँखों वाली महिला थी, जिनके पंख हल्के-हल्के चमक रहे थे। विलो ने बताया कि वह कोई सपने चुराने वाली चुड़ैल नहीं, बल्कि सपनों की रक्षक है। उसका काम बच्चों के सपनों को बुरे खयालों से बचाना है। लेकिन हाल के दिनों में उसकी शक्ति कमज़ोर पड़ रही थी, क्योंकि सपनों का स्रोत—ड्रीमवेल—ज़हरीला हो चुका था। इस ज़हर के पीछे था एक दुष्ट प्राणी, जिसे विलो नाइटमेर स्पाइडर कहती थी। लीना को एहसास हुआ कि गाँव ने जिसे चुड़ैल समझकर डर बनाया, वही असल में उनकी रक्षा कर रही थी।

रहस्योद्घाटन – डर के पीछे छिपा चेहरा

जैसे-जैसे लीना और विलो बात करती गईं, सच्चाई की परतें खुलती चली गईं। विलो ने बताया कि नाइटमेर स्पाइडर कोई साधारण राक्षस नहीं है, बल्कि वह इंसानों के डर से जन्म लेता है और उसी से ताकतवर होता है। तभी एक और चौंकाने वाला सच सामने आया—गाँव का प्रमुख, जिसे सब सम्मान और भरोसे से देखते थे, असल में वही नाइटमेर स्पाइडर था। लोगों के डर, अफवाहों और अंधविश्वास से वह अपनी शक्ति बढ़ा रहा था। उसे पता था कि विलो कमज़ोर हो रही है, इसलिए उसने जानबूझकर चुड़ैल की झूठी कहानियाँ फैलाईं, ताकि गाँव डर में डूबा रहे। ड्रीमवेल को शुद्ध करने का एक ही तरीका था—एक ऐसा इंसान, जिसका दिल शुद्ध हो और जिसके भीतर आश्चर्य और विश्वास की भावना जीवित हो। यह सुनकर लीना समझ गई कि यह यात्रा केवल जंगल की नहीं, बल्कि दिल के डर को जीतने की भी है।

संघर्ष – डर से आमना-सामना

लीना और विलो ने ड्रीमवेल की ओर यात्रा शुरू की। रास्ता आसान नहीं था। वहाँ नाइटमेर स्पाइडर ने ड्रीम-वेपर्स नामक भ्रम पैदा करने वाले प्राणी छोड़ रखे थे, जो इंसान के सबसे गहरे डर को उसका सामना कराते थे। लीना के सामने उसके अपने डर खड़े हो गए—अकेलापन, असफलता, और यह डर कि शायद वह भी गलत साबित हो जाएगी। सपनों का यह भूलभुलैया-सा संसार कभी उजला तो कभी भयावह बन जाता। हर मोड़ पर लीना डगमगाती, लेकिन विलो की टिमटिमाती जादुई रोशनी उसे संभाल लेती। विलो ने उसे सिखाया कि डर से भागने से वह और बड़ा होता है, लेकिन उसे स्वीकार करने से वह कमजोर पड़ जाता है। इस संघर्ष के दौरान लीना न केवल बाहरी राक्षसों से, बल्कि अपने भीतर के संदेह से भी लड़ रही थी।

चरमोत्कर्ष – लड़ाई नहीं, विश्वास की जीत

आखिरकार वे ड्रीमवेल तक पहुँचीं। कुआँ काले धुएँ और डरावनी फुसफुसाहटों से भरा था। नाइटमेर स्पाइडर अपने भयानक रूप में प्रकट हुआ और विलो पर हमला कर दिया। विलो की शक्ति सीधी लड़ाई में कम पड़ने लगी। तभी लीना को एहसास हुआ—स्पाइडर की असली ताकत लड़ाई नहीं, बल्कि गाँव का डर है। उसने हथियार उठाने के बजाय आँखें बंद कीं और अपने सबसे खुशनुमा, आशावादी सपने को याद किया—एक ऐसा गाँव जहाँ बच्चे बिना डर के सोते हैं, और जहाँ किसी को गलत नहीं समझा जाता। उसने उस सपने को ड्रीमवेल में छोड़ दिया। सुनहरी रोशनी की एक लहर पूरे कुएँ में फैल गई। स्पाइडर दर्द से चीख उठा, क्योंकि डर के सामने विश्वास टिक नहीं पाया। धीरे-धीरे काला ज़हर साफ होने लगा और ड्रीमवेल शुद्ध हो गया।

समापन – जब सपने लौट आए

प्रकाश की लहर गाँव तक पहुँची और बच्चों के सपने वापस लौट आए। डरावनी रातें फिर से मीठी कहानियों में बदल गईं। नाइटमेर स्पाइडर सिकुड़कर एक कायर इंसान बन गया—वही गाँव का प्रमुख, जो अब अपनी गलतियों के लिए शर्मिंदा था। विलो की शक्ति लौट आई और गाँव वालों को सच्चाई समझ में आ गई कि असली खतरा चुड़ैल नहीं, बल्कि उनका डर था। लीना को विलो ने अपनी प्रशिक्षु बना लिया, ताकि भविष्य में कोई भी डर और अंधविश्वास सपनों को नुकसान न पहुँचा सके। अब विलो की झोपड़ी डर का नहीं, बल्कि आशा का प्रतीक बन गई। हर सुबह बच्चों की हँसी जंगल तक गूँजती, और लीना जानती थी कि जब तक विश्वास ज़िंदा है, तब तक कोई भी नाइटमेयर टिक नहीं सकता।