वे स्थानीय गाइड मिगेल के साथ रियो नेग्रो नदी के रास्ते अमेज़न के घने जंगलों में प्रवेश करते हैं। उनकी यात्रा कई जानलेवा चुनौतियों से भरी होती है—एक आक्रामक जगुआर का सामना, जहरीली मकड़ियों से भरी अंधेरी गुफा, और लगातार होती भीषण बारिश जो उन्हें दलदल में फंसा देती है। तीसरे दिन, नक्शे में दर्शाई गई एक गुप्त नदी शाखा उन्हें लताओं से ढके एक विशाल पत्थर के द्वार तक ले जाती है। मिगेल बताता है कि यह “पहरेदार का द्वार” है, जो केवल संक्रांति के दिन ही खुलता है।
संक्रांति की सुबह सूर्य की किरणें जैसे ही द्वार की विशेष नक्काशी पर पड़ती हैं, द्वार रहस्यमय ढंग से खुल जाता है। भीतर प्रवेश करते ही वे एक विशाल घाटी में बसे प्राचीन शहर के अवशेष देखते हैं—पिरामिड, सीढ़ीदार खेत, जलमार्ग और खुले प्लाज़ा। यह शहर तकनीकी चमत्कारों से भरा होता है: आज भी ऊर्जा उत्पन्न करते क्रिस्टल सौर पैनल, उन्नत हाइड्रोपोनिक्स प्रणाली और एक ऐसी वेधशाला जो खगोलीय घटनाओं की सटीक गणना करती है।
शहर की चित्रलिपियों से पता चलता है कि यह “कोंडोर लोगों” की उन्नत सभ्यता थी, जो लगभग 3000 साल पहले एक उल्कापिंड आपदा में नष्ट हो गई। बचे हुए लोगों ने इस शहर को दुनिया से छिपा दिया ताकि इसकी शक्ति का दुरुपयोग न हो। लेकिन यह रहस्य ज्यादा देर तक सुरक्षित नहीं रहता। विक्रम की सैटेलाइट कॉल को इंटरसेप्ट कर लिया जाता है और अंतरराष्ट्रीय कॉर्पोरेट गिरोह “एक्स्ट्रैक्टा ग्लोबल”, जिसकी क्रूर नेता मर्सिडीज़ गोमेज़ है, शहर के संसाधनों को लूटने के लिए पहुँच जाती है। इसके बाद शुरू होती है जान बचाने की दौड़। जंगल, गुफाएँ और प्राचीन मार्ग युद्धभूमि बन जाते हैं। एनाकोंडा का हमला, सशस्त्र गार्डों की घेराबंदी और मिगेल का घायल होना—हर पल मौत के करीब ले जाता है। वे भागते-भागते शहर के केंद्र में स्थित केंद्रीय मंदिर पहुँचते हैं, जहाँ “ज़िकज़ारा का हृदय” यानी एक विशाल जियोथर्मल क्रिस्टल स्थित है, जो पूरे अमेज़न के इकोसिस्टम को संतुलित रखता है।
जब एक्स्ट्रैक्टा ग्लोबल के लोग क्रिस्टल को निकालने लगते हैं, ईशा समझ जाती है कि ऐसा होने पर पूरे अमेज़न में भूकंप और ज्वालामुखीय तबाही आ सकती है। निर्णायक संघर्ष में जंगल स्वयं जाग उठता है—लताएँ हमला करती हैं, जानवर आगे आते हैं और प्रकृति अपना प्रतिरोध दिखाती है। मर्सिडीज़ गोमेज़ एक गहरी खाई में गिर जाती है और क्रिस्टल को उसकी जगह वापस रखने पर एक शक्तिशाली ऊर्जा तरंग लुटेरों को बेहोश कर देती है। अंततः शहर स्वयं को बचाने के लिए फिर से छिप जाता है। घना कोहरा घाटी को ढक लेता है और सभी मार्ग गायब हो जाते हैं। विक्रम, ईशा और घायल मिगेल किसी तरह बाहर निकलने में सफल होते हैं। वे यह निर्णय लेते हैं कि इस खोज को लालच से नहीं, बल्कि संरक्षण के उद्देश्य से साझा किया जाएगा। उनकी रिपोर्ट और तस्वीरें दुनिया भर में पुरातत्व और पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा देती हैं, जबकि ज़िकज़ारा का सटीक स्थान एक संरक्षित रहस्य बना रहता है। अंतिम दृश्य में विक्रम और ईशा जंगल के किनारे खड़े होकर पीछे मुड़कर देखते हैं। उन्हें पता है कि कोंडोर लोगों की विरासत अब सुरक्षित है। इसी संकल्प के साथ वे “ग्लोबल लेगेसी प्रोजेक्ट” की शुरुआत करते हैं—दुनिया के छिपे हुए अजूबों को दस्तावेज़ करने और उनकी रक्षा करने के लिए।
